NCC

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एन.सी.सी. महाराजा महाविद्यालय छतरपुर (म.प्र.)
                                             महाराजा महाविद्यालय छतरपुर में सर्वप्रथम 1953 में एक प्लाटून के रूप में प्रारंभ की गयी थी | यह इन्फेंटरी विंग की प्लाटून विंध्य प्रदेश वटालियन रीवा से सम्बंधित रही | 1957 में संख्या बढाकर एक कंपनी खोली गयी , इसे (B) कंपनी नाम दिया गया| प्रथम एन.सी.सी. अधिकारी डॉ. रामायण प्रसाद थे तथा प्रथम कमान्डर के रूप में लेफ्टिनेंट जे.डी. काले ने कमान संभाली | 1960 के बाद एन.सी.सी. कंपनी सागर स्थित वटालियन से जुडी | 1964 में मेजर एं. एस. वर्मा ने वटालियन के प्रथम कमान अधिकारी के रूप में छतरपुर वटालियन की कमान सभाली |
महाराजा महाविद्यालय में वर्तमान में एन. सी.सी. की दो कंपनी तथा एक गर्ल्स ओपन प्लाटून कार्यरत है तथा कैडीटो की कुल संख्या 268 है | जिसमे 1/25 एन.सी.सी.  कंपनी में 160 केडेट है | जिनके कंपनी कमांडर कैप्टन जे. पी. शाक्य है | 2/25 कंपनी में 54 केडेट है जिसके कमांडर लेफ्टिनेंट आर. पी. कुम्हार है | गर्ल्स ओपन प्लाटून में 54 छात्र गर्ल्स केडेट है जिनकी कमांडर केयर टेकर प्रीती पित्रे है |
यहाँ के कैडेट जाट वटालियन मेजर प्रदीप मिश्रा को वीरता के लिये महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सौर्य चक्र प्रदान किया गया जो महाविद्यालय के लिए गौरव की बात है |
              अभी तक महाविद्यालय की एन. सी. सी. को 18 एन. सी. सी. अधिकारिओ ने नेतृत्व  प्रदान किया | इस महाविद्यालय के 33 कैडेट्स ने BLC / TSC  कैंप में तथा 13 कैडेट्स ने RDC में न्यू देल्ही में प्रतिनिधित्व किया | कैप्टन जे. पी. शाक्य ने 9 बार राष्ट्रीय एकता शिविर में म. प्र. एवं छतीसगढ़ एन.सी.सी. डायरेक्टरेट की ओर से प्रतिनिधित्व किया |
           इस महाविद्यालय के 10 NCC कैडेट्स को 78 हजार रूपये सहारा स्कालरशिप तथा बेस्ट कैडेट्स अवार्ड्स के रूप में प्रदान किये गयें | विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर 39 कैडेट्स राष्ट्र की सेवा में समर्पित है | एन. सी. सी. के द्वारा श्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर विभिन्न अवसरों पर अनेक बार पुरुस्कृत किया गया है | सत्र 2015-16 में 5 कैडेट्स ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है | और अनेक गतिविधियों में निरंतर संलग्न है |